यूपी पुलिस का एक चेहरा यह भी, युवकों के स्वरोजगार के लिए चलाया जा रहे हैं कई कोर्सेज

चंदौलीः  ऐसे समय जब पूरे देश में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि आखिर नक्सलवाद से कैसे निपटा जाए, देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस ने युवाओं को नक्सलवाद की ओर मुढ़ने से रोकने के लिए एक पहल शुरू की है। 

इसके तहत कम्युनिटी पुलिसिंग का सहारा लिया गया है। इसके तहत नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को  मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे है।

पुलिस द्वारा इन इलाके के बेरोजगार युवकों के लिए सिलाई-कढ़ाई, नाईगिरी, बढ़ईगिरी, प्लम्बरिंग,ड्राइविंग और बिजली मिस्त्री जैसे कोर्स कराये जा रहे हैं। इन इलाकों के युवाओं को सेना और पैरा मिलिट्री फोर्सेस में भी जाने के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

चंदौली क्षेत्र में एक दशक पूर्व नक्सलियों ने लैंड माईन ब्लास्ट कर पीएसी के एक ट्रक को उड़ा दिया था, इसमें करीब डेढ़ दर्जन जवान शहीद हो गए थे।

इस वारदात के बाद पुलिस की सक्रियता भी बढ़ी और इलाके के लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने की सरकारी कवायद भी बढ़ गई। इलाके की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी को लेकर थी।

जिसके समाधान के लिए पुलिस ने एक अलग पहल की। नौगढ़ थाना परिसर में इलाके के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रग्राम शुरू किया। कई तरह के छोटे रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण के लिए छह महीने की ट्रेनिंग दी जा रही है।