बैंक का एक और फर्जीवाड़ा, फर्जी साइन के जरिए मशीन का पैसा निकाला, मैनेजर ने कहा, ऐसा तो होता रहता है

महोबाः एक ओर जहां मोदी सरकार देश को कैशलेश बनाने का प्रयास कर रही है वही दूसरी ओर बैंको के फर्जीवाड़ा के चलते व्यापारी परेशान हैं।

ताजा वाक्या है बुंदेलखंड के महोबा जिले का जहां एक व्यापारी एक साल से पॉश मशीन के लिए बैंक के चक्कर काट रहा है और व्यापारी के फर्जी साइन के जरिए एक साल पहले मशीन भी निकल कर लग चुकी। मजे की बात यह है कि मशीन कहां लगी इस बात का न तो बैंक को पता न ही खाता धारक को। 

मामला महोबा मुख्यालय के बैंक ऑफ बड़ोदा शाखा महोबा का है, जहां नैकानापुरा निवासी अनुराग पचैरी का बैंक आफ बड़ोदा शाखा महोबा में करंट खाताधारक है जो उनकी फर्म डिजाइनर कृति गैलरी के नाम से है ।

खाताधारक ने नोट बंदी के बाद पॉश मशीन के लिए एप्लाई किया था और एक वर्ष से उनके खाता से मशीन के किराया 560 रुपये 50 पैसे प्रति महीना भी काटा जा रहा है और खाताधारक द्वारा लगातार कम्प्लेन की जा रही है लेकिन उनको कोई सुनवाई नहीं की गई इस माह जब खाताधारक के खाता से तीन बार मशीन का किराया काटा गया तो जब खाताधारक बैंक पहुँचा और जब अपनी मशीन के बारे में पूछा तो उनको इंस्टालेशन की स्लिप दी गयी जिसमे खाताधारक के फर्जी साइन के जरिये 10 फरवरी 2017 को मशीन लग चुकी है । 

वहीं जब इस बारे में बैंक मैनेजर से बात की गई तो बड़े ही कॉन्फिडेंट से बोले कि मशीन के इंस्टालेशन रशीद में जो साइन है वह खाता धारक के है जो उनसे साइन मैच करने को कहा तो उन्होंने देखा और स्वीकार की यह साइन खाताधारक के नहीं है और कहते है कि गलतियां तो होती ही रहती है । और इस मामले में बर्ड लाइन को दोषी मानते हैं क्योंकि मशीन उन्ही के द्वारा लगाई गई है।