आज पांचवा वन डे, फिर होगा साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजी और भारतीय स्पिनर्स के बीच मुकाबला

पोर्ट एलिजाबेथः चौथे वनडे मैच में मिली हार से उबर कर टीम इंडिया मंगलवार को पांचवें वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के मजबूत इरादे से मैदान में उतरेगी।

टीम इंडिया यदि कल के मैच में जीती तो दक्षिण अफ्रीका में पहली वनडे सीरीज अपने नाम करके इतिहास रच देगी। छह मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम इस समय 3-1 से आगे है और वह चाहेगी कि वह इस बढ़त का फायदा उठाकर पोर्ट एलिजाबेथ में ही सीरीज पर कब्‍जा जमा ले।

टीम ने डरबन में पहला मैच छह विकेट, सेंचुरियन में दूसरा मैच नौ विकेट और केपटाउन में तीसरा मैच 124 रन से जीता था। हालांकि मेजबान टीम ने बारिश से प्रभावित चैथे वनडे में पांच विकेट से जीत हासिल कर वापसी की। इस अहम मैच से पहले केदार जाधव की फिटनेस टीम इंडिया के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

जाधव को केपटाउन में हैमस्ट्रिंग चोट लगी थी और वह पिछला मैच भी नहीं खेल सके थे। जाधव की गैरमौजूदगी में भारत एक भरोसेमंद गेंदबाजी विकल्प गंवा देगा।

मंगलवार का मैच दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी लाइन अप और भारत के कलाई के स्पिनरों के बीच का मुकाबला होगा। हालांकि मंगलवार को भी बारिश की आशंका व्यक्त की जा रही है।

बारिश के कारण लक्ष्य नए सिरे से निर्धारित किया गया और एबी डिविलियर्स के जल्दी पेवेलियन लौटने के बावजूद मेजबानों को इसे हासिल करने में जरा भी परेशानी नहीं हुई। यह मैच टी20 की तर्ज पर हुआ जिसमें डेविड मिलर और हेनरिक क्लासन ने भारत के कलाई के स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी कर जीत छीन ली।

इस मैच में भारत को कैच छोड़ने के अलावा मिलर को ‘नो बॉल’ फेंकना भारी पड़ा। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि दक्षिण अफ्रीकी बल्‍लेबाजों ने युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की कलाई की स्पिन का सामना करना सीख लिया है।

मैच में भारतीय टीम के कप्‍तान विराट कोहली की कप्‍तानी पर भी कुछ सवाल उठे। भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह का अच्छी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया। कप्‍तान ने स्पिनरों पर ही ज्यादा भरोसा दिखाया जबकि वे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोकने में असफल साबित हो रहे थे।