बजरंग बली का कमाल या कुछ औरः मंदिर तोड़ने पहुंचते ही मशीनें हो जाती है बंद

शाहजहांपुरः यहां सड़क किनारे खड़े हनुमान जी के एक मंदिर को ध्वस्त करने में निर्माण कंपनी के कर्मचारी और मजदूरों को पसीना आ गया। कई घंटे की कोशिशों के बाद भी मंदिर को ध्वस्त करने में सफलता हासिल नहीं हो पाई। जब दूसरी जगह मंदिर बनाया गया तभी मंदिर के कुछ ही हिस्से को गिराया जा सका है। 

शाहजहांपुर के तिलहर के पास हाइवे पर कछियानीखेड़ा में एक हनुमान मंदिर है। 130 साल पुराना यह मंदिर हाइवे चैड़ीकरण में बाधा बन रहा है। फैसला लिया गया कि मंदिर को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाए। इसके लिए मंदिर को तोड़ने का काम शुरु किया गया। इसके लिए बुलडोजर और क्रेन बुलाई गई। 

लेकिन इसे बजरंग बली का कमाल कहिए या कुछ इस मंदिर को ध्वस्त करने के लिए लगाई गईं मशीनें काम ही नहीं करती हैं। अब तक जितनी बार भी मशीनें हनुमानजी प्रतिमा के सामने गईं तो वह बंद हो गईं। जब निर्माण कंपनी ने हनुमानजी की पूजा पाठ कराई, दूसरे स्थान पर नया मंदिर बनवाया, तब कंपनी की मशीनें मंदिर की छत और चाहरदिवारी गिरा पाईं। 

हालांकि हनुमानजी मूर्ति अब तक नहीं हटाई जा सकी है। हनुमान जी के 130 वर्ष पुराने इस मंदिर की बहुत मान्यता है। बुजुर्ग बताते हैं कि यहां पहले डकैत घंटा चढ़ाने आते थे। आसपास के गांव के लोगों की आज भी इस मंदिर से अगाध आस्था है। जब यह मंदिर हाइवे चैड़ीकरण के बीच में आया तो निर्माण कंपनी ने इसे हटाने का फैसला किया, जिसका तमाम गांव वालों ने विरोध किया।

गांव वालों के विरोध को दरकिनार कर निर्माण कंपनी ने मंदिर ध्वस्त करने के लिए अपनी मशीनें भेजी, लेकिन हर बार ऐसा होता रहा कि मशीनें हनुमानजी की प्रतिमा के सामने जाकर अपने आप ही खराब होती रहीं। तब कुछ समय के लिए कंपनी ने मंदिर को ध्वस्त करने का काम रोक दिया।

फिर कंपनी के लोगों ने हनुमान जी का हाइवे का मंदिर दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्णय लिया। पहले तो हनुमानजी की पूजा की गई। पास में ही राजकीय महाविद्यालय की जमीन लेकर वहां एक नया मंदिर का निर्माण कराया गया।

वहां हनुमान जी की प्रतिमा को शिफ्ट करने का काम गुरुवार से फिर शुरू किया गया। इस बार मशीनें बंद नहीं हुईं। मशीनों के जरिए मंदिर की छत, चाहरदिवारी गिरा दी गई। हनुमान प्रतिमा को शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है।

एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि मंदिर की सभी प्रतिमाओं को सावधानीपूर्वक नए मंदिर में स्थापित कराया जाएगा। मकर संक्रांति के दिन हवन पूजन के साथ भगवान स्वरूप प्रतिमाओं की स्थापना होगी और उसके बाद हाइवे निर्माण कंपनी द्वारा 22 जनवरी को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।