थाने में लड़की का धरना, पंचायत, पंडित बुलाया और फिर सात फेरे, कहानी पूरी फिल्मी है

मेरठः 3 साल से चल रही है प्रेम कहानी का सुखद अंत थाने में हुआ। यह अंत दोनों ने मेरठ के मेडिकल थाने में जीवन भर साथ रहने के लिए सात फेरे के साथ हुआ। इस प्रेम कहानी में कई ट्विस्ट भी आए। 

चैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से शुरू इस प्रेम कहानी का अंत समय हुआ जब युवती शादी के लिए थाने में धरना देने दे कर बैठ गई। 

जिसके बाद थाने में ही पंचायत हुई और युवक को बुलाया गया। दोनों पक्षों में हंगामे के दौरान शादी का रास्ता सुझाया गया। दोनों ने थाने के मंदिर में ही सात फेरे लिए। 

दरअसल, मेरठ के चैधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले गौरव और राखी एक दूसरे से पिछले 3 सालों से प्रेम करते हैं। इस दौरान गौरव का सिलेक्शन कस्टम अधिकारी के लिए हो गया। जिसके बाद दोनों की शादी पर संकट के बादल मंडराने लगे। कई बार इन दोनों के बीच राजीनामा भी हुआ।

लेकिन उसके बावजूद दोनों के घर वाले शादी के लिए तैयार नहीं हुए। इस सब के चलते  कल अचानक थाना मेडिकल में शादी की मांग को लेकर राखी धरने पर बैठ गई। दोनों पक्षों के लोग बुलाए गए पंचायत भी हुई और फिर दोनों पक्षों की सहमति से थाने में शादी कर दी गई।

थाने के पुलिसकर्मी की शादी में गवाह बने और मंदिर के पुजारी ने शादी के सभी रस्मों को रीति रिवाज से संपन्न किया। जिसके बाद दोनों पक्ष अपने-अपने घर चले गए।

आपको बता दें कि थाने में शादी टूटने या फिर आपसी मनमुटाव को लेकर मारपीट होने के कई किस्से सामने आते हैं। लेकिन थाने में आकर शादी के अटूट बंधन में बंधने के कम ही मामले देखने को मिलते हैं।