पुलिस करवा रही है पूर्व विधायक की जमीन पर कब्जा, इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे

बाराबंकीः कानून के रखवाले ही अगर भूमाफियाओं के मददगार बन जाए तो इसे आप क्या कहेंगे। यहां कुछ ऐसा ही हो रहा है। पुलिस भूमाफियाओं से लोगो की संपत्तियों पर कब्जा करवा रही है । बाराबंकी पुलिस की इस भ्रष्ट कार्यशैली का शिकार  रामनगर के पूर्व विधायक सरवर अली खां हो गए है। पूर्व विधायक अब इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। 

देवा इलाके के बिशुनपुर में पूर्व विधायक सरवर अली खां की पुश्तैनी जमीन है, जिसका गाटा नम्बर 232 है । राजस्व अभिलेखों में भले ही गाटा नम्बर 232 पूर्व विधायक और उनके भाई के नाम दर्ज हो और स्थानीय लोग भी इस जमीन को पूर्व विधायक की ही प्रॉपर्टी बताते है। 

बाराबंकी पुलिस के लिए न तो राजस्व अभिलेख मायने रखते हैं और न ही स्थानीय लोगों की गवाही क्योंकि पुलिस तो पहले ही जमीन पर इलाके के भूमाफिया का कब्जा कराने की ठान चुकी है। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए पूर्व विधायक और उनके लड़के समेत कई समर्थकों पर संगीन धाराओं में मुकदमा तक दर्ज कर दिया है।

पूर्व विधायक का कसूर महज इतना था कि वो अपनी जमीन पर बने पुराने मकान को गिरा कर नया निर्माण करना चाहते थे। पुलिस की कार्यशैली से आहत पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में गुहार लगायी। हाईकोर्ट ने भी पुलिस को मामले में कार्रवाई करने से पहले विवादित भूमि पर पूर्व विधायक के स्वामित्व के पहलू की जांच करने के निर्देश दिए। 

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस ने मनमानी जारी रखी और पुलिस की शह पर विपक्षी विवादित जमीन पर बाकायदा पक्का निर्माण करवा रहा है। पूर्व विधायक इंसाफ के लिए दर दर गुहार लगाते भटक रहे है ।