टाॅफी देने के बहाने पांच साल की बच्ची को पास बुलाया, फिर दिखाई दरिदंगी

मैनपुरी: योगी सरकार में रेप की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। अपराधिक किस्म के लोग बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम देने पर तुले हुए हैं। कहीं डकैती कहीं लूट तो कहीं मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार जैसे घिनौने अपराध सामने आ रहे हैं। 
 
ऐसी ही एक हैवानियत भरी दास्तान उस वक्त देखने को मिली जब मात्र 5 साल की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म कर उसे लहूलुहान कर डाला।  
 
मामला थाना किशनी क्षेत्र के ग्राम  का है। यहां रहने वाले जबर सिंह की मासूम पुत्री घर के  बाहर खेल रही थी । इसी बीच  मौका देख गाँव का ही रहने वाला आरोपी आशीष पुत्र राम रहीम दिवाकर ने  मासूम  को पहले तो टॉफी खिलाई।
 
उसके बाद बर्फी खिलाने के बहाने बहला फुसला कर खेतों की तरफ बांस की झाड़ियों में ले गया, जहां उसने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए मासूम के साथ दुष्कर्म कर दिया।
 
बच्ची की हालत खराब होते देख आरोपी वहां से फरार हो गया। रोती बिलखती  बच्ची खेतों मे काम कर रहे लोगों के पास गयी तो उसकी हालत  देख घर वालों के भी होश उड़ गए।
 
पूरी जानकारी लेकर पीड़ित परिवार जब थाना किशनी पहुँचा तो पुलिस ने भी तुरंत मामला दर्ज कर बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया।  
योगी सरकार में रेप की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। अपराधिक किस्म के लोग बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम देने पर तुले हुए हैं। कहीं डकैती कहीं लूट तो कहीं मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार जैसे घिनौने अपराध सामने आ रहे हैं। 
 
ऐसी ही एक हैवानियत भरी दास्तान उस वक्त देखने को मिली जब मात्र 5 साल की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म कर उसे लहूलुहान कर डाला।  
 
मामला थाना किशनी क्षेत्र के ग्राम  का है। यहां रहने वाले जबर सिंह की मासूम पुत्री घर के  बाहर खेल रही थी । इसी बीच  मौका देख गाँव का ही रहने वाला आरोपी आशीष पुत्र राम रहीम दिवाकर ने  मासूम  को पहले तो टॉफी खिलाई।
 
उसके बाद बर्फी खिलाने के बहाने बहला फुसला कर खेतों की तरफ बांस की झाड़ियों में ले गया, जहां उसने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए मासूम के साथ दुष्कर्म कर दिया।
 
बच्ची की हालत खराब होते देख आरोपी वहां से फरार हो गया। रोती बिलखती  बच्ची खेतों मे काम कर रहे लोगों के पास गयी तो उसकी हालत  देख घर वालों के भी होश उड़ गए।
 
पूरी जानकारी लेकर पीड़ित परिवार जब थाना किशनी पहुँचा तो पुलिस ने भी तुरंत मामला दर्ज कर बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया।