आठ साल की बच्ची ने की गुहार, जज अंकल पटाखे नहीं छुटेंगे तो दिवाली बेकार हो जाएगी

हापुड़ः दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री पर रोक के फैसले से सभी आहत है। ज्यादातर लोगों का कहना है कि पटाखों के बिना दिवाली जैसे रंग और गुलाल के बिना होली। पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे तो इस बार दिवाली फीकी ही रहेगी।

सब अपनी-अपनी तरह से सुप्रीम कोर्ट के जजों को अपने फैसले पर विचार करने की अपील कर रहे हैं। पटाखा कारोबार एसोसिएश से लेकर पटाखा विके्रता एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट पर विशेष पुनर्विचार याचिका डाली है। यहां की एक आठ वर्षीय छात्रा की पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के  मुख्य न्यायधीश को से बड़ी ही मार्मिक गुहार गुहार लगाई है।

पिलखुआ के किशनगंज की रहने वाली छात्रा लुभा ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को पत्र लिखकर अपने फैसले पर विचार करने की अपील की है। लुभा ने लिखा कि जज अंकल, माना कि पटाखों की वजह से दिवाली के दो-चार दिन प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है लेकिन अगर पटाखे नहीं छूटेंगे तो हमारी दिवाली बेकार हो जाएगी।

पूरे साल हम दिवाली का इंतजार करते हैं। इस दिन फुलझड़ी और रोशनी जलाते हैं। हम आवाज वाले बम नहीं फोड़ते हैं। इस बार हमें पटाखे नहीं मिलेंगे। पापा ने कहा कि दुकानें बंद हो जाएंगी। प्लीज जज अंकल, पटाखों की दुकानें लगने दीजिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा रखी है।