एक बेटी को तुम पढ़ाओ, एक बहन को मैं पढ़ाता हूं- निखिल दधीच का पत्रकार रविश को खुला पत्र

नई दिल्ली. पिछले दिनों गौरी लंकेश की हत्या पर ट्वीट कर चर्चा में आएं निखिल दधीच ने वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार को खुला पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है 'अब आपके पत्र प्रभावित नहीं करते क्योंकि जब अन्तरात्मा पर एजेंडा हावी हो जाये तो अन्तरात्मा की आवाज़ दब जाती है। आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। आप डरे हुए नहीं बल्कि परेशान ज्यादा नजर आ रहे है, किसी दूसरे से नहीं बल्कि अपने आप से अपनी स्वयं की अन्तरात्मा से। इंसान कितना भी कुछ भी कर ले उसकी अन्तरात्मा किसी एजेंडे को स्वीकार नहीं करती। वो स्वयं में स्वतंत्र रहना पसंद करती है।'' 

 

-निखिल दधीच ने आगे लिखा 'पत्रकार को हमेशा निष्पक्ष रहना चाहिए।'

-'आपको मेरे एक अदद ट्वीट से आपत्ति हुई या यूं कहूँ की उसके बाद से आपको मुझ जैसे साधारण इंसान में एक बड़ा शत्रु नजर आने लगा''

-'' और आपने मेरे खिलाफ एक मुहिम चला दी की जब तक मोदी जी मुझे अनफॉलो नहीं करते आप चैन से नहीं बैठेंगे।''

-'' इंसान जब किसी पर आरोप लगाता है तो उसे हमेशा निष्पक्ष रहना होता है।''

-मुझे सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा पर आपकी आपत्ति जायज लगी पर सवाल ये है कि ये आपत्ति एक तरफा क्यों है?' 

-'आपको प्रधानमंत्री जी द्वारा मुझे एवम अन्य लोगों को फॉलो किये पर आपत्ति है किंतु आप स्वयं मुहम्मद अनस जैसो को फॉलो करते है उनके साथ चाय पीते है और उनके किसी पोस्ट को फेसबुक द्वारा हटाने पर उसके समर्थन में खड़े होते है!! ''

 

 आइये साथ मिलकर काम करें- निखिल 

- निखील ने आगे लिखा 'आज मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आइये साथ मिलकर पहल करते है नवभारत निर्माण की।'

-' प्रधानमंत्री जी स्वच्छ भारत अभियान चला रहे है, स्टूडियो या घर में बैठ कर उसका मख़ौल उड़ाने की बजाय हम भी इसका हिस्सा बनें।'

-'जगह समय तारीख आप तय कर लीजिए। हम सब मिल कर स्वच्छता के लिए धरातल पर काम करते है।'

-' बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ते है कमियां निकालने वाले हजार मिलेंगे पर किसी के अच्छे काम मे सहयोगी बन कर उसे अंजाम तक पहुंचाने वाले कम।'

-'आइये हम इसे अंजाम तक पहुंचाने वाले बने। 

-''एक बालिका की शिक्षा की जिम्मेदारी आप लीजिये एक बहन की जिम्मेदारी मैं लेता हूँ, यकीन मानिए मेरे कई अन्य साथी भी इसके लिए तैयार है और आपके साथी भी निश्चित ही होंगे।''

-'आइये साथ मिलकर काम करें। सभी पूर्वाग्रहों को भूल कर, बिना किसी एजेंडे के आइये साथ मिलकर काम करें। आपके जवाब का इंतजार रहेगा'।