सांसद ने ऊर्जा मंत्री को दिया बधाईयां

रांची, 13 सितम्बर: गिरिडीह सांसद रवींन्द्र कुमार पाण्डेय ने गत मंगलवार को नव मनोनीत केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के सिंह से दिल्ली में मिल कर ऊर्जा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के लिए दिया बधाईयां। साथ ही कोयलांचल के हृदय में डीवीसी के द्वारा स्थापित बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा ताप विधुत केन्द्र बंद किये गये पुरानी इकाइयों को चालू कराने हेतु माँग पत्र दिया । उन्होने कहा कि जानकार सूत्रों के अनुसार बोकारो थर्मल "बी" प्रतिष्ठान का 210 मे.वा.×3 क्षमता की 1,2,3 नं. इकाई और चंद्रपुरा का 130 मे.वा. ×3 क्षमता की 1,2,3 नं. इकाई से बंद होने के पूर्व तक आपेक्षित उत्पादन अनवरत जारी था।

समुचित प्रबंधन और अनुरक्षण से आगामी अनेक वर्षों तक कम लागत पर उत्पादन हो सकता था। लेकिन प्रदूषण के मानक पर उक्त इकाईयां खरा थी। फिर भी किसी इकाई को बंद करने से पूर्व कानूनी औपचारिकता पूरा किये वगैर डीवीसी के द्वारा अवैध रुप से अचानक बोकारो थर्मल और चंद्रपुरा की कुल छह इकाइयों को बंद करने से सप्लाई मजदूरों सहित लगभग तीन हजार ठेका श्रमिकों और प्रतिष्ठान प्रभावित क्षेत्र के अप्रत्यक्ष रुप से लाभान्वित हजारों परिवारों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

जिसके कारण इस क्षेत्र का समाजिक और आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा है। जबकि डीवीसी के स्थापना का मूल उदेश्यों में एक दामोदर घाटी क्षेत्र के लोगों का समाजिक और आर्थिक विकास करना रहा है। डीवीसी का संक्रमण के लिए अकुशल प्रबंधन को जिम्मेंवार ठहराते हुए श्री पाण्डेय ने ऊर्जा मंत्री श्री सिंह को आगाह किया कि उक्त पुरानी इकाइयों मे कार्यरत लगभग 1600 स्थाई कर्मचारियों का अन्यत्र नई इकाइयों मे समायोजन और फिक्सड् कॉस्ट का भार नई इकाइयों पर पड़ने से नई इकाइयों का भी उत्पादन लागत बढ़ेगा और पुर्व से अधिकतम उत्पादन लागत का दंश झेल रहे डीवीसी के  उत्पादित बिजली का खरीददार नही मिलने का संकट उत्पन्न होगा।

साथ ही बड़े पैमाने पर ठेका श्रमिकों की बेरोजगारी से औधोगिक शांति भंग होगी। जिसके कारण नई इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।  उक्त इकाइयों का अद्दतन स्थिति की उच्च स्तरीय जाँच कराने की माँग करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि, उनके द्वारा लागातार ऊर्जा पर संसदीय की बैठको मे ऊर्जा मंत्री व ऊर्जा सचिव के समक्ष बंद इकाइयों को चालू करने का माँग किया जाता रहा है।

लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि डीवीसी का उच्च प्रबंधन प्रबंधकीय अक्षमता को छिपाने के लिए पुरानी इकाइयों का उत्पादन लागत अधिकत्तम होने, बिजली का खरिददार नही होने और प्रदूषण मानको का हवाला देकर मंत्रालय को गुमराह कर रहा है। क्योंकि बोकारो थर्मल की तीनो इकाईयां मात्र 25-30 वर्ष पुरानी है,और चंद्रपुरा की उक्त तीनो इकाईयां 5-6 दशक पुरानी जरुर है,लेकिन विश्व की सर्वोत्तम कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक द्वारा निर्मित है। तथा इस आधार पर भारत वर्ष में किसी भी इकाई को बंद नही किया गया है।

श्री पाण्डेय ने जनहित मे उक्त पुरानी इकाईयों को अविलंब चालू करने की माँग करते हुए कहा कि पुरानी इकाईयों को बंद करने से पुर्व  उसके स्थान पर नई इकाईयों निर्माण किया जाय,ताकि श्रमिकों के समक्ष रोजीरोटी का संकट उत्पन्न नही हो और इस क्षेत्र का समाजिक व आर्थिक विकास बाधित नही हो। उपरोक्त आलोक मे ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने सांसद श्री पाण्डेय के साथ विस्तृत चर्चा को  गंभीरता से लेते हुए अश्वस्त किया कि उक्त इकाईयों को चालू कराने के लिए सभी संभावना का तलाशते हुए उनके स्तर से हर संभव प्रयास किया जायेगा तथा यथाशिघ्र कृत कारवाई से श्री पाण्डेय को अवगत कराया जायेगा।