गुरसिख के जीवन का आधार गुरमत होती है : महात्मा एस.एस नशीला


होशियारपुर, 13 सितंबर  : सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज की कृपा से संत निरंकारी सत्संग भवन असलामाबाद में संत समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान दिल्ली से आए केन्द्रीय प्रचारक व मिशन के प्रसिद्ध कवि महात्मा सुरजीत सिंह नशीला जी पहुंचने पर ब्रांच मुखी माता सुभदरा देवी जी व अन्य संत महात्माआें ने उनका स्वागत किया। 
                           उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि गुरसिख का जीवन का आधार गुरमत होती है। गुरसिख हमेशा ही इस निराकार के अहसास के साथ जीवन जीता है। गुरसिख जिंदगी में चाहे दुख हो चाहे सुख हो दोनों को एक सामान मानता है क्योंकि गुरसिख यह जानता है कि सतगुरु की शरण में जाकर इस निराकार की जानकारी हासिल करके सिमरन करने में ही सुख है। 
                           जब इंसान इस निरंकार को जानकर जीवन व्यतीत करता है तो उसका जीवन में भी दैवी गुण जिसमें निर्मता, सहनशीलता आदि आ जाते है। उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज द्वारा दिए गए संदेश मानवता को गुरसिख अपने कर्मों द्वारा जन जन तक पहुंचाने का काम करता है। 
                 अंत में ब्रांच मुखी माता सुभदरा देवी जी ने आए हुए केन्द्रीय प्रचारक महात्मा सुरजीत सिंह नशीला जी व आए हुए संत महात्माओं का धन्यवाद किया। इस अवसर पर उनके साथ बहन सोनिया जी दिल्ली, रोहित कुमार, मोहित कुमार, अनिल कुमार, निर्मल दास , मनोज कुमार, अमृत मोहन, शिक्षक देविंदर बोहरा बोबी, हरियाना ब्रांच के मुखी डा. रत्न सिंह आदि उपस्थित थे।