कानपुर के अस्पताल में ऑक्सीजन न मिलने से ढाई साल की बच्ची की मौत

कानपुर. बाल रोग चिकित्सालय में ऑक्सीजन ना मिल पाने के कारण एक ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि अगर नर्स समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध करा देती तो उनकी बच्ची की मौत नहीं होती। वहीं इस मामले में बाल रोग चिकित्सालय के अधीक्षक ने एक कमेटी गठित कर जांच के आदेश दे दिए हैं।  

-दरअसल, औरैय्या जिले के रहने वाले जगत सिंह की ढाई साल की बेटी आशिकी की तबियत खराब हो गई थी। 

-ऐसे में वह अपनी बेटी को कानपुर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम पहुंचे। लेकिन वहां के डाक्टरों ने उसको हैलट अस्पताल ले जाने की सलाह दी। 

-इसके चलते जगत अपनी बेटी को हैलट अस्पताल के बाल रोग विभाग में लेकर पहुंचे। आरोप है कि यहां डाक्टरों ने उसको भर्ती करने के बजाय कार्डियोलॉजी भेज दिया। 

-जगत अपनी बेटी को लेकर कार्डियोलॉजी में गए। लेकिन वंहा के डाक्टरों ने हैलट भेज दिया।

-ऐसे में जगत डॉक्टरों के कहे अनुसार कभी हैलट कभी कार्डियोलॉजी के चक्कर लगाता रहा मगर इसके बाद भी उसकी बेटी को भर्ती नहीं किया।

-आरोप है कि काफी मिन्नतें करने के बाद बाल रोग विभाग के डाक्टरों ने उसको उसकी बेटी को भर्ती तो कर लिया लेकिन तब तक उसकी तबियत ज्यादा खराब होने लगी।

-जगत के मुताबिक उसने नर्स से कहा उनकी बेटी ऑक्सीजन लगा दो लेकिन नर्स ने ऑक्सीजन लगाने के बजाय उसको झिड़क दिया।

-ऑक्सीजन ना मिल पाने के कारण ढाई साल की मासूम आशिकी ने दम तोड़ दिया। 

 

नर्स के खिलाफ होगी कार्रवाई 

-कानपुर के बाल रोग बिभाग के डाक्टरों और नर्श की लापरवाही बरतने पर डॉक्टर यशवंत राव ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। 

-डॉक्टर यशवंत का कहना है की रात दो बजे बच्ची को भर्ती किया गया है था।

-बच्ची को मलेरिया था और सांस लेने में दिक्कत आ रही थी उसकि सांस फूल रही थी उसको आईसीयू में शिफ्ट करने की तैयारी के दौरान उसकी मौत हो गई। 

-उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में स्टाफ नर्स ने लापरवाही बर्ती होगी तो जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

-उन्होंन ये भी कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है।