बिहार के कई जिलों में बाढ़ से मची तबाही,नीतीश आज करेंगे हवाई सर्वेक्षण !

पटना-:  उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक जिलों में बाढ़ की स्थिति अब भयावह होती जा रही है। किशनगंज, अररिया और कटिहार जिले की स्थिति सबसे बदतर हो गई है। लोग घर-बार छोड़कर ऊंची जगह में शरण ले रहे हैं।

कटिहार के अमदाबाद के जियामारी के पास पानी के दबाव से महानंदा नदी का बांध धंस गया है। यहां बांध को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। बीडीओ, सीओ, थानाध्यक्ष सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। जिले के अभियंता भी मौके पर डटे हैं एवं स्थिति नियंत्रित होने की बात कह रहे हैं।

12 जिलों में स्थिति गंभीर

4.85 लाख क्यूसेक पानी वाल्मीकिनगर गंडक बराज से रविवार को छोड़े जाने से स्थिति और विकराल हो गई है। अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, प. चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी में स्थिति गंभीर है।

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कटिहार-सिलीगुड़ी रेल मार्ग बंद, पूर्वोत्तर से शेष भारत का संपर्क टूटा

उत्तर बिहार और बंगाल में बाढ़ के कारण किशनगंज-सिलीगुड़ी-रेल मार्ग ठप हो गया है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को शेष भारत से रेल संपर्क टूट गया है। कटिहार से सिलिगुड़ी के मध्य रेल ट्रैक पर कई जगह पानी आ जाने की वजह से 18 से ज्यादा रेलगाड़ियों को रविवार को रद्द करना पड़ा है। पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने कहा कि पूर्वोत्तर से शेष भारत की रेल सेवा बाढ़ के कारण ठप हो गई है।

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नीतीश आज करेंगे हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार सुबह 11:00 बजे पटना से पूर्णिया के लिए रवाना होंगे, जहां से वह हेलीकॉप्टर के जरिए सीमांचल के इन सभी 4 जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. बाढ़ से निपटने के लिए और पीड़ित लोगों के लिए चल रहे राहत और बचाव कार्य का जायजा भी लेंगे.

स्थिति से निपटने के लिए केंद्र से सेना की मदद मांगी.

इसी बीच नीतीश ने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बाढ़ की स्थिति पर फोन पर बात की और स्थिति से निपटने के लिए सेना की मदद मांगी. गौरतलब है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमांचल इलाके में हर साल आने वाली बाढ़ एक बड़ी समस्या रहती है. सीमांचल में खासकर कोसी नदी में आने वाली बाढ़ से बिहार को काफी नुकसान उठाना पड़ता है.