भूलकर भी ना लगाए अपने घर में ऐसे पौधे, छीन सकते है आपके घर की खुशियां...||

लुधियाना 23 जून (  अजय पाहवा) प्रिय /मित्रों, घर में लगे पेड़-पौधे हमारी जिंदगी में कई तरह से प्रभाव डाल सकते हैं। वास्तु के अनुसार आपको पता होना चाहिए कि किस तरह के पेड़ और पौधे घर में लगाने चाहिए और किस तरह के पेड़ पौधे घर में नहीं लगाने चाहिए। वास्तुशास्त्र में बताया गया है की हरे हरे सुन्दर पौधे सुख और समृद्धि का प्रतीक होते है |इन पौधों को घर में रखने से खुशियां आती है.अगर आपके घर का कोई हिस्सा खाली है तो उस हिस्से में पौधे लगा देना चाहिए.ऐसा करने से घर में सकारातमक ऊर्जा आती है |


वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री  ने बताया की घर में पेड़-पौधे लगाने से घर की खूबसूरती और बढ़ जाती है। अगर आपको पेड़-पौधे लगाने का शौक हैं तो वास्तु की जानकारी भी जरूर रखें क्योंकि वास्तु के नियम अनुसार घर में पेड़-पौधे ना लगाएं जाए तो घर में रहने वालो को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार फूल-पौधे लगाने से घर की सकारात्मक उर्जा में वृद्धि होती है। क्रीपर्स यानी लत्तर वाले पौधे प्रवेश द्वार के लिए उपयुक्त माने गए हैं। इसे आप बाहरी बालकनी में भी लगा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि इनकी लत्तरें कंपाउंड की दीवार से अधिक ऊंची न हो।


वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री  ने बताया की लंबे पेड़ जैसे नारियल के पेड़ को घर के गार्डन में नहीं लगाने चाहिए। कहा जाता है कि इन पौधों को दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए लेकिन घर के पास इन्हें न लगाएं। दरअसल ये पौधे घर में हर तरह से सूर्य की रोशनी को नहीं आने देते हैं। जिसकी वजह से घर में सूर्य की रोशनी नहीं आती है और वास्तु के अनुसार घर में सूर्य की रोशनी जरूर आनी चाहिए। इसलिए इन पौधों को घर में नहीं बल्कि घर से थोड़ी दूरी पर लगाना चाहिए।


वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री  ने बताया की कुछ बड़े पेड़ जैसे पीपल और बरगद के पेड़ को तो घर में भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। कहा जाता है कि इन पेड़ों की जड़ें घर की नींव को कमजोर कर सकती हैं। इसके अलावा सूर्य से आने वाली रोशनी भी घर में नहीं आती और घर में सकारात्मक ऊर्जा की कमी होने लगती है।


वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री  ने बताया की भारतीय वास्तुशास्त्र कहता है कि जिस घर का वास्तु विन्यास सही होता हैं, वहां सदैव शांति और समृद्धि वास करती है। लेकिन हम जाने-अनजाने ऐसे कई काम करते हैं, जो हमारे घर की सकारात्मक ऊर्जा को दूषित कर कर देते हैं। आइए उन छोटी-छोटी बातों को जानें, जिनसे आपके घर में वास्तु प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है और अशुभ प्रभाव को कम या समाप्त किया जा सकता है:----


----वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की  घर की उदासीनता को कम करने के लिए घर में बेल वाले पौधे लगाने चाहिए.जैसे- मनी प्लांट को कोने में लगाकर उस जगह की उदासीनता को कम किया जा सकता है |

-----घर के सामने कभी कांटेदार या नुकीले पत्तों वाले पौधों को ना रखे.ये पौधे भी घर में  नकारात्मक ऊर्जा का  संचार करते हैं.

---- वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार घर में कांटेदार व दूध (जिनके कटने-छिलने पर सफेद द्रव्य निकलता हो) वाले पौधे नहीं लगाना चाहिए क्योंकि कांटे नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। गुलाब जैसे कांटेदार पौधे लगाए जा सकते हैं पर इसे घर की छत पर रखें तो बेहतर रहेगा।कैक्टस को प्रगति में बाधक और हानिकारक माना गया है।

-----वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार जिन पौधों की टहनियों को तोड़ने पर सफेद द्रव (दूधिया स्राव) निकलता है, वैसे पौधे घर की आंगन में न लगाएं। यह घर के सदस्यों को स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं माना गया है।

-----बोनसाई पौधे भी घर में तैयार नहीं करने चाहिए और न ही बाहर से लाकर लगाने चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार बोनसाई पौधे घर में रहने वाले सदस्यों का विकास रोकते हैं।

----वास्तुशास्त्री to पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार घर की दक्षिण-पूर्व दिशा धन और समृद्धि को बढ़ाने वाली होती है.इसलिए इस दिशा में चौड़े पत्तियों वाले पौधे लगाना चाहिए |

---घर में कभी भी मुरझाए हए या सूख गए पौधों को नहीं रखना क्योंकि ऐसे पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलते है |

----खुशबूदार पौधे घर के साथ साथ आपके जीवन को भी महकाते हैं इसलिए अपने घर खुशबूदार पौधों को लगाना अच्छा होता है |

----वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार तुलसी एक औषधि पौधा है। इस पौधे को पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। इन दिशा में लगाने से तुलसी का पौधा घर में बरकत लाता है।तुलसी का पौधा बेहद कल्याणकारी, बहुउपयोगी, पवित्र एवं शुभ माना जाता है। तुलसी में एंटीबायोटिक सहित अनेक औषधीय गुण होते हैं। इसका स्पर्श व इसकी हवा दोनों लाभकारी है। इसलिए इसे घर में अवश्य लगाना चाहिए।तुलसी का पौधा घर में उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाया जाना चाहिए। इन दिशाओँ में लगाए जाने से तुलसी का पौधा बरकत लाता है।

तुलसी का पौधा वायु प्रदूषण को भी कम करता है। तुलसी का पौधा घर के ब्रह्म स्थल यानी बीचोंबीच लगाना चाहिए। वैसे इसे घर के किसी भी कोने में लगाया जा सकता है। इसे गंदे स्थान पर न लगाएं।

---गुलाब, चंपा व चमेली के पौधे घर में लगाना अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे मानसिक तनाव व डिप्रेशन में कमी आती है।

-----बेडरूम के नैऋत्य कोण में टेराकोटा या चीनी मिट्टी के फूलदानों में सूरजमुखी के असली या नकली फूल लगा सकते हैं।

-----पौधे व फूलों का उपयोग घर के नुकीले कोणों व उबड़-खाबड़ जमीन को ढकने के लिए किया जा सकता है।

-----वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार बेडरूम में किसी भी तरह के पौधे लगाने से बचना चाहिए। इससे मैरिड लाइफ पर बुरा असर पड़ सकता है। डाइनिंग व ड्रॉइंग रूम में गमले रखे जा सकते हैं।

---- आप अपने घर या कार्यस्थल (दुकान व ऑफिस) की पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाने के लिए गुलदस्तों में रोज ताजे फूल लगाएं। फूलों के गुलदस्ते ताजगी व सौभाग्य की वृद्धि करते हैं। मुरझाए फूल व पत्तियां नेगेटिव एनर्जी उत्पन्न करती हैं।

-----घर के बैठक घर में बांस का पौधा लगाएं। इसे पौधे को पूर्वी कोने में रखें।

----फलों के पेड़ जैसे आम, जामुन, केला, दूधिया पेड़ जैसे महुआ, पीपल और कांटेदार पेड़ जैसे बबूल, बेर आदि को घर के प्रांगण में न लगाएं।

-----वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार कुछ ऐसे पौधे और पेड़ हैं जिन्हें घर के आंगन में लगाना शुभ फल देता है। जैसे अनार, दालचीनी, नारियल, अशोक, गुलाब, बकुल, चमेली, केसर और चंपा के पेड़-पौधे शुभफलदायी होते हैं।

-----वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार बीमार व्यक्ति के कमरे में ताजे फूल रखने से लाभ होता है। परन्तु, उन फूलों को रात को कमरे से हटा देना चाहिए।

-----खुशबूदार फूल वाले पौधे जैसे- चंपा, नागचंपा, चमेली, बेला, रात रानी आदि फूल लगाए जा सकते हैं। लेकिन इन्हें घर के बाहर ही लगाएं।
----- घर में नकली पौधे नहीं लगाने चाहिए, ये ऐस्थेटिक सेंस के लिहाज से अशुभ माने जाते है। ये धूप व गंध को भी ज्यादा आकर्षित करते हैं।

------ वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार ऊंचे व घने वृक्ष घर के दक्षिण या पश्चिम भाग में लगाए जा सकते हैं, लेकिन इन्हें घर की दीवारों से थोड़ी दूर पर ही लगाना चाहिए, ऐसी जगह जहां इन्हें सूरज की भरपूर रोशनी मिले और ये पौधे घर में रहने वालों का रास्ता न रोकें।


विशेष सावधानी---वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर के ठीक सामने या बीच में (ब्रह्म स्थल में) कोई भी पेड़-पौधा ना हो। इन जगह पेड़-पौधे होने से घर में नकारात्मक शक्ति का प्रभाव बढ़ता है।