मानसा के शिक्षक को साहित्य अकैडमी युवा पुरस्कार से नवाजेगी

मानसा (पंजाब)
अमरजीत सिंह मकका 

मानसा के 25 वर्षीय हरमनजीत सिंह ने इस वर्ष के  साहित्य अकेडमी युवा पुरस्कार की श्रेणी में अपनी जगह बना ली है

हरमनजीत सिंह गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल रंजीतगढ़ बांद्रा के शिक्षक हैं और उन्हें अपनी किताब रानी तत्व के लिए साहित्य अकादमी ने 2017के युवा पुरस्कार की श्रेणी में शामिल किया है
हरमनजीत के पिता सरकारी वेटरनरी डिपार्टमेंट से रिटायर हुए हैं और उनका मानना है कि बचपन से ही उनका झुकाव साहित्य की तरफ था जिसकी वजह से आज वह इस श्रेणी में अपनी जगह बना पाए हैंl साहित्य अकेडमी युवा पुरस्कार देश की 24 क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य की सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए दी जाती है

अपनी पुस्तक रानी तत् के बारे में बताते हुए हरमनजीत ने कहा कि उनकी किताब पंजाबियत और उसके रीति रिवाजों पर आधारित है

कविताओं की रचना  रानी तत् 2015 में पहली बार प्रकाशित हुई थी और अभी तक इसकी 7000 किताबें प्रकाशित हो चुकी है

 हरमनजीत का मानना है कि इस किताब के प्रकाशित और पुरस्कार की घोषणा होने के बाद दो धारणाएं धराशाही हो जाएंगे के कवि या लेखक नशे का सेवन करते हैं और कविताएं बिकती नहीं है

 इस राष्ट्रीय पुरस्कार को पाने के बाद हरमनजीत इसका श्रेय अपने माता-पिता को देना चाहते हैं और उन्होंने कहा कि वह आगे भी ऐसे ही अच्छी रचना करने के लिए प्रयास करेंगे