राजस्थान राज्य के सिरोही जिले के आबूरोड में आबूरोड दलित छात्र हत्याकांड की ली गई जानकारी ।


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Kanti Lal Meghwal (Jalore)

 राजस्थान राज्य के सिरोही जिले के आबूरोड में आबूरोड दलित छात्र हत्याकांड की जानकारी ली ।
बड़गांव/ रानीवाड़ा:- 17/05/2017 ग्लोबल नर्सिंग महाविद्यालय आबूरोड मे निकटवर्ती गांव रुपावटी खुर्द के दलित छात्र रविन्द्र मेघवाल की तीन दिन पूर्व कॉलेज प्रशासन एवम् महाविद्यालय प्रिंसिपल द्वारा फ़ीस और डोनेशन के लिए बार बार प्रताड़ित करने के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया था जिस कारण उन्होंने आत्म हत्या कर दी।
इससे पूर्व भी तीन छात्रो ने इसी कॉलेज  के प्रिंसिपल द्वारा परेशान करने की वजह से आत्म हत्या कर दी थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा दबंगाई के चलते मामले को दबाया गया।
इस सम्बन्ध मे भगवानाराम मेघवाल  माण्डवला सामाजिक कार्यक्रता, ब्रजेश मेघवाल मानवाधिकार मंच जिलाध्यक्ष, टीकमाराम भाटी खानपुर ,भीनमाल ,जिला प्रभारी राष्ट्रीय सर्व मेघवंश महासभा जालोर, मनोहर लाल राणा भील समाज जिलाध्यक्ष जालोर ने निवास स्थान रूपावती खुर्द जाकर परिजनों से राय ली उनके पिता मुकनाराम मेघवाल से चर्चा में सामने आया की ,ग्लोबल कॉलेज प्रशासन आबूरोड द्वारा प्रतिदिन छात्र को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और परीक्षा नजदीक आने से एक दिन पुर्व मै खुद कॉलेज मे गया और मुझे भी बिना वजह माफ़ी मांगनी पड़ी थी। उन्होंने बताया की आबूरोड सदर पुलिस को मिला सुसाइड नोट मिला है जिसमे छात्र ने कॉलेज प्रशासन एवम् प्रिंचिपल मेडम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के वजह से आत्म हत्या करना बताया गया है लेकिन ब्रम्हाकुमारी संस्थान द्वारा संचालित ग्लोबल कॉलेज प्रशासन की दबंगाई के चलते अभी तक एक भी कार्मिक की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
इससे पूर्व विभिन सामाजिक संगठनो की बैठक आ आयोजन रानीवाड़ा मे किया गया एवम् सामूहिक निर्णय लिया गया की दिनाक 18/05/2107 को राजस्थान के प्रत्येक उपखंड मुख्यालय पर ज्ञापन देने और 19/05/2017 को राजस्थान के सभी जिला मुख्यालय विशाल धरना प्रदर्शन और  जिला कलेक्टर के मार्फ़त राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम देने का निर्णय लिया गया।

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इस अवसर पर एडवोकेट जानू मेघवाल, एडवोकेट अमृत कटारिया, भरत कुमार जिलाध्यक्ष अम्बेडकर टाइगर फोर्स जालोर, आसुराम सिंघल, चौथमल भाटी, रमेश कुमार, कानाराम वागरी, चेतन कुमार, जबराराम, प्रभुराम,  यसपाल मेघवाल, हितेश कुमार, रामाराम, हरीश कुमार, श्रवण कुमार, महेंद्र कुमार सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे। अब देखना यह हैं, कि क्या  वहां का  जिला प्रशासन कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध कठोर क़ानूनी कार्यवाही करता हैं, या नहीं ? वो तो आने वाला वक्त ही बताएगा । या फिर किसी की मिलीभगत के चलते ऐसे मामले को रफा दफा करेगा  या फिर ऐसे मामलों को उजागर कर उन दोषी मुल्जिमों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजने की सहभागिता निभाएगा ।यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा । अगर ऐसे गंभीर मामलों पर तुरंत प्रशासन कार्यवाही करता हैं तो दूसरे जो प्राइवेट कॉलेज हैं, उनको भी सबक सिखने को मिलेगा ।