... तो क्या पीएम नरेंद्र मोदी थे एनकाउंटर में ढेर सिमी आतंकियों का टारगेट?

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल से फरार होने के बाद एनकाउंटर में मारे गए सिमी के आठ आतंकियों के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.
जेल से फरार होने के बाद आतंकियों की प्लानिंग भोपाल से रायपुर पहुंचने की थी. बताया जा रहा है कि आतंकियों को नजीराबाद के रास्ते राजगढ़ जाना था. पुलिस ने एनकाउंटर स्पॉट से एक सड़क के ईंटखेड़ी होते हुए नजीराबाद की तरफ जाने को आधार बताया है.
...तो क्या पीएम थे निशाने पर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का एक नवंबर का दौरा पूर्व निर्धारित था. ऐसे में 30 अक्टूबर की रात को आतंकियों के भोपाल से भागकर रायपुर की तरफ जाने के प्लान से इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि, आतंकी रायपुर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे.
रायपुर में सिमी का मजबूत नेटवर्क
भोपाल पुलिस एनकाउंटर में मारे गए सिमी के आतंकी शेख मुजीब का रायपुर से गहरा नाता रहा. यहीं से उसने देश के कई हिस्सों में हुए बम धमाकों के लिए विस्फोटकों की सप्लाई की थी. शेख मुजीब ने रायपुर में ही फरार सिमी आतंकियों के रहने का इंतजाम किया था.
तीन साल पहले सामने आया था नेटवर्क
तीन साल पहले रायपुर पुलिस ने सिमी के नेटवर्क का खुलासा करते हुए 16 संदिग्धों को हिरासत में लिया था.
शेख मुजीब के अलावा दो अन्य आतंकी महबूब और खालिद की ससुराल रायपुर में थी, जिसकी वजह से वो अक्सर यहां आता था और यहीं उसने सिमी के आतंकियों के छिपने का इंतजाम भी किया था.
छत्तीसगढ़ सबसे सुरक्षित ठिकाना
30 सितंबर 2013 में खंडवा जेल ब्रेक के बाद फरार हुए मेहबूब सहित कुछ आतंकियों को ओडिशा के राउरकेला से पकड़ा गया था. इस दौरान राउरकेला पुलिस ने खुलासा किया था कि सिमी आतंकी छत्तीसगढ़ को सबसे सुरक्षित स्थान मानते हुए अपना ठिकाना बनाना चाह रहे थे.
कुंभ में थी तबाही की साजिश
सिमी आतंकियों ने तीन मोटरसाइकिलें चुराकर उन्हें छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रख दिया था. आंतकियों ने बैंक डकैती करने के बाद इन्हीं मोटरसाइकिल से फरार होने की साजिश रची थी.
आतंकी इस बैंक डकैती की राशि से देश में तबाही मचाने की फिराक में थे. दावा किया गया था कि इसी साल उज्जैन में हुए कुंभ मेले में आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे.